दोस्त तेरी शहादत को सलाम

औरंगाबाद बिहार नक्सली हमले में शहीद सिनोद कुमार मेरे गांव से 2 किलो मीटर दूर निजामाबाद थाना के गौसपुर का रहने वाला था जो उस हमले में नक्सलियों से लड़ता हुआ शहीद हो गया आज उसका पार्थिव शरीर आजमगढ़ जनपद लाया गया उसे देखने गए लोगों की आँखे नम हो गयी आज से 8 वर्ष पहले मेरी उसकी मुलाकात उसी के गाँव में हुई थी उसके बाद मेरी उससे 2 से 3 बार मुलाकात हुई वह दिल का बहुत ही अच्छा और बहुत ही मेहनती लड़का था लग भाग एक साल पहले उसकी शादी हुई और वो अपने आने वाले बच्चे का पिता बनने वाला था पर किस्मत को ये मंज़ूर नही था की वो अपने बच्चे को देख सके, मात्र 24 साल की उम्र में वह हम सब को छोड़ कर चला गया उसकी पत्नी बेवा होगयी और उसका आने वाला बेटा अनाथ, उसके परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधो पर थी उसके घर की चौपाल सुनी पड़ी है देश को आज उसकी शहादत पर गर्व है आज उसके लिए आजमगढ़ और देश के बड़े नेता बड़ी बड़ी बाते करते है पर चार दिनों बाद हर कोई ये बात भूल जायेगा कोई सुध नही लेने आएगा की उसका परिवार किस हाल में है उनकी जिंदगी कैसे गुजर रही है पर उसका परिवार शायद ही इस जख्म को भूल पायेगा, इस देश ने तो जवान खोया है पर इस बात का अहसास किसे है की यहाँ तो किसी ने अपना भाई किसी ने अपना बेटा किसी ने अपना भतीजा और मैंने अपना दोस्त खोया है उसके खोने का दर्द कोई हमसे पूछे..!!
साथी सिनोद को सच्ची श्रधांजलि

Comments

Popular posts from this blog

समा जाते है लोग दिल में ऐतबार बन कर..!!

गुज़ारिश

कोई जीते कोई हारे आम आदमी रोयेगा-: