तेल और हथियार का खेल

तेल और हथियार का खेल:
कुछ दिन पहले तुर्की के इस्तांबुल में एक आत्मघाती हमले में 44 लोग मारे गये और 2 दिन पहले बंग्लादेश में 20 लोग मार दिये गये और कल इराक के बग़दाद में 80 लोग मारे गए और अनगिनत घायल है, इस से पहले भी कई आत्मघाती हमले हुए जिन में मासूमो की जान गयी, ये आत्मघाती हमले करने वाले कौन लोग है दुनिया मानती है की ये आत्मघाती हमला आई एस आई एस ने किया है और ये मुस्लिम आतंकी संघटन है ये कौन से मुस्लिम है जो जन्नत का सपना सजाये पूरे देश को जहन्नुम बनाने पर आमादा है ऐसे संघटन का समर्थन कौन करता है इन संघटन के पास  हथियार कहा से आते है इन लोगो के निशाने पर मुस्लिम देशो के मासूम लोग क्यू होते है इस आतंकी संघटन का निशाना सीरिया, इराक, तुर्की, बंगलादेश और पकिस्तान इत्यादि जैसे देशो पर क्यू रहता है ऐसे कई सवाल है जो दिलो को झंकझोर रहे है अधिकतर लोग कह रहे है की (ISIS) लोगो को मारते समय अल्ला हू अकबर बोलते है, और इनको ये शिक्षा कुरआन से मिली है मतलब अगर कोई हिन्दू जय श्री राम बोलकर किसी का कत्ल कर डाले तो मै ये मान लू  क़त्ल करने वाले ने ये सब रामायण से सीखा है जबकि कोई भी धर्म या धर्मिक ग्रन्थ कभी भी इस तरह की बातें नहीं सीखाता यदि हम धर्म पर चले और उसकी शिक्षा को माने जीवन ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया सवर जाये मैं नहीं मानता कि आतंकवाद करने वाले किसी एक धर्म या मजहब से तालुक रखने वाले है यदि ऐसा होता तो दुनिया की इतनी पवित्र जगह मक्का में इस तरह का हादसा कदापि नहीं होता ऐसा करने वाले की रूह काँप जाती हमला हम सब की सोच पर भी हो रहा है आई एस आई एस की घोर निंदनीय घटना के कारण पूरे देश के मुस्लिम शक के दायरे में है कोई माने या ना माने तेल और हथियारों के खेल ने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को जहन्नुम बना कर रख दिया है और इन सब घटनाओ से परे मेयमार में बौद्धिस्ट द्वारा मुस्लिमो की लगातार निर्मम हत्याये हो रही है लेकिन इस घटना पर ना तो विमर्श और ना ही कोई निंदा हो रही है सियासत के गलियारों से ले कर न्यूज़ रूम की काली कोठरी में मयमार के मज़लूमो की चीखे दम तोड़ रही है..!!

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